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आपसे कहना है

प्रिय पाठक ,

ब्लॉग पर पाठकों की संख्या बढती देख कर प्रसन्नता होना स्वाभाविक ही है, पर आपकी प्रतिक्रिया ना मिलने से निराशा होती है। मेरा अनुरोध है अपने व्यस्त समय में से कुछ समय दे कर जो भी कहानी आपने पढी है, उस पर अपने विचार अवश्य दें। आपके विचार और सुझाव मेरी प्रेरणा हैं।
ब्लॉग पर कुछ नई कहानियां और एक लंबी कहानी 'मीत मेरे' डाली है। आज 'फ़्लॉरिस्ट' भी सम्मिलित की है। यह मेरी प्रिय कहानी है। इसके आधार पर एक बॉलीवुड के लिए एक स्क्रिप्ट भी ब्ळॉग पर है।
मेरी एक आकांक्षा है मेरी कुछ कहानियों और 'वह सांवली लड़की' पर फ़िल्म बनाई जा सके। वैसे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि फ़िल्म डिवीज़न ऑफ़ इंडिया तथा एन एफ़ डी सी मुम्बई द्वारा मेरी कहानियों पर फ़िल्म बनाई गई हैं। दूरदर्शन दिल्ली तथा रांची से भी सीरियल और नाटक प्रसारित हुए हैं।

भारतीय साहित्य एवं शोध संस्थान ने अपनी वेब साइट पर मेरी 17 कहानियां डाली हैं। कुछ पाठकों ने कहानियों की प्रशंसा की है। मुझे खुशी है इस वेब साइट के माध्यम से मेरी कहानियां और पाठकों तक पहुंच सकेंगी।

अपना स्नेह बनाए रखें। शुभ कामनाओं सहित,
पुष्पा सक्सेना