चाहत की आहट


मेक्सिको का काबो सागर-तट सैलानियों के हास-उल्लास से गुलज़ार था. चारों ओर बिखरी खुशी के साथ सागर की लहरें भी अठखेलियाँ करती लग रही थीं. सागर के वक्ष पर तैरते बड़े-बच्चे सब लहरों पर चढ़ उन्हें पराजित करने का प्रयास कर रहे थे. ऊपर चमकते सूर्य की रश्मियाँ रेत को शीशे सा चमका रही थीं. कुछ सैलानी सन टैनिंग के लिए आँखों पर काला चश्मा लगाए धूप में लेटे हुए धूप की उष्णता का मज़ा ले रहे थे.

उस कोलाहल से दूर एक युवक तन्मयता से अपने गिटार पर मीठी धुन बजा रहा था. कुछ सैलानी उसके आसपास जमा थे, पर उनसे निर्लिप्त वह अपनी दुनिया में मस्त था. हाथ में चप्पल उठाए रेत पर चलती क्रिस्टीना भी वहां पहुँच कर रुक गई. गिटार की मीठी धुन ने उसे बाँध सा लिया. युवक के सामने बैठी क्रिस्टीना मन्त्र-मुग्ध युवक को देखती रह गई. कुछ देर बाद अपना गिटार रख युवक ने चारों ओर खड़े लोगों पर नज़र दौडाई थी. हळ्की सी मुस्कान उसके चहरे को और भी कमनीय बना गई.
“क्या तुम सैलानी हो और यहाँ पैसों के लिए गिटार बजाते हो?”अचानक क्रिस्टीना पूछ बैठी.
“मेक्सिको मेरा देश है और गिटार मेरा सबसे अच्छा दोस्त है. पैसों के लिए नहीं, अपनी खुशी के लिए गिटार बजाता हूँ. क्या आपको सागर की लहरों का संगीत नहीं सुनाई देता? अक्सर मुझे ये लहरें मेरी धुन के साथ गीत गाती लगती हैं.”मुस्कुरा कर युवक ने जवाब दिया.
“शायद तुम ठीक कह रहे हो. तुम्हारा नाम क्या है?”विस्मित क्रिस्टीना ने जानना चाहा.
“विक्टर, मेरा ये नाम पापा के एक दोस्त ने दिया था. उसे मुझमें कुछ ख़ास दिखा होगा. वह मुस्कुराया.
“मेरा नाम नहीं जानना चाहोगे? मेरा नाम क्रिस्टीना है, पर सब मुझे टीना पुकारते हैं.” पूछे न जाने पर भी न जाने क्यों क्रिस्टीना को अपना नाम बताना ज़रूरी लगा.
“टीना नाम ज़्यादा अच्छा और कहने में आसान है.”इतना कहता अपने गिटार को कंधे पर टांग विक्टर खडा हो गया.
“कल फिर यहाँ आओगे?”टीना का जवाब अनुत्तरित ही रहा और वह चला गया.
दूसरे दिन टीना फिर उसी जगह जा पहुंची जहां एक दिन पहले विक्टर गिटार बजा रहा था. विक्टर को न देख टीना निराश सी हो उठी. तभी उसे याद आया कल उसी जगह एक औरत सीपी की मालाएं बना रही थी. आज भी वह औरत तन्मयता से माला पिरो रही थी. एक-दो स्त्रियाँ उसके पास जमा थीं.

“क्या आप जानती हैं वो गिटार वाला आज आएगा या नहीं?”
“उसका कोई ठिकाना नहीं है, कब कहाँ जाएगा वो खुद नहीं जानता.”हाथ रोक स्त्री ने जवाब दिया.
उस औरत की बात ख़त्म होते-होते कंधे पर गिटार लटकाए विक्टर आ पहुंचा. टीना का चेहरा खुशी से खिल उठा. टीना पर एक हळ्की नज़र डाल विक्टर आराम से साथ लाई फोल्डिंग चेयर खोल कर बैठ गया. कंधे से गिटार उतार सुर ठीक से मिलाने के बाद एक मीठी धुन हवा में बहने लगी. क्रिस्टीना जैसे उस धुन पर बेसुध सी बैठी रह गई. एक के बाद एक और धुन जिसे सुनती क्रिस्टीना को लगता वो धुनें कभी खत्म न हों. रात का अन्धेरा घिरता आ रहा था, अब सैलानी अपने –अपने होटल या ठहरने के स्थानों को जाने लगे थे. दिन के समय का मोहक सागर अँधेरे में भय सा उत्पन्न कर रहा था.

“आपको क्या वापस नहीं जाना है?”अचानकविक्टर ने क्रिस्टीना से पूछा.
“आप क्या कल भी यहाँ आएँगे, अगर कहीं और जाएं तो बता दीजिए?’
“किसी अनजान इंसान से परिचय बढाने की बात तो नहीं सोच रही है?”
“जी नहीं, मुझे आपके संगीत से प्यार हो गया है. काश मै भी ऐसे ही गिटार बजा सकती.’
“किसी भी इंसान या किसी चीज़ से प्यार करने का अंजाम अच्छा नहीं होता, उससे सिर्फ धोखा ही मिलता है. बहुत देर हो गई आप को जाना चाहिए.”अचानक उसके चहरे पर उदासी की छाया घिर आई.
“क्या अपने गिटार से प्यार के बारे में भी आप ऐसा ही सोचते हैं?” क्रिस्टीना पूछ बैठी.
“गिटार तो मेरी आत्मा है, उससे अलग हो कर मै जीवित नहीं रह सकूंगा.”इतना कह कर वह चला गया.
अगले दो दिनों में क्रिस्टीना जैसे गिटार से निकली धुनों के पीछे दीवानी हो उठी थी. उसे दिन में सागर में तैरने या लहरों से खेलने से ज़्यादा शाम का इंतज़ार रहता जब वह विक्टर के गिटार की धुन पर मन्त्रबिद्ध सी बैठी रह जाती. वह मेक्सिको सिर्फ एक सप्ताह के लिए आई थी, पर अब उसे वापस लौटने की जल्दी नहीं रह गई थी. यह सच था, उसे शुरू से संगीत से प्यार था, पर ऎसी दीवानगी पहली बार हुई थी. क्रिस्टीना सोच में पड़ गई, कहीं उसे संगीत से ज़्यादा विक्टर से तो लगाव नहीं हो गया है. विक्टर के चहरे पर एक अजीब कशिश थी जो किसी को भी आकर्षित कर ले.
अमरीका में इक्कीस वर्ष की आयु तक पहुंचने के बहुत पहले ज़्यादातर लड़कियों के कई ब्वाय-फ्रेंड्स होना आम बात होती है, पर अपनी समस्याओं से जूझती क्रिस्टीना के पास अपने लिए समय ही नहीं था. ऐसा नहीं कि लड़कों ने उसकी ओर दोस्ती का हाथ नहीं बढाया, पर क्रिस्टीना ने उन्हें अनदेखा कर दिया. बचपन की यादों में एक बूढ़ी दादी ही उसके साथ थी. माँ-बाप एक एक्सीडेंट में उसे दादी के सहारे छोड़ इस दुनिया से जा चुके थे. दादी ने उसे प्यार से ज़रूर पाला, पर उसके साधन बहुत सीमित थे. क्रिस्टीना समझ गई थी, उसकी स्थिति दूसरी संपन्न लड़कियों से अलग थी. हाई स्कूल में पढती क्रिस्टीना ने छोटे-मोटे काम कर के दादी की सहायता करनी शुरू की थी. अचानक जब वही दादी लकवे का शिकार हो कर बिस्तर पर पड़ गई तो क्रिस्टीना ने सब कुछ भुला कर दादी की सेवा के साथ घर की भी ज़िम्मेदारी उठा ली थी. दादी की सेवा के लिए उसने फिजिकल थेरेपी की ट्रेनिंग लेनी शुरू की थी. उसके घर के पास मैडम जूलिएट का म्यूजिक क्लास चलता था. वहां से आते संगीत की लहरें कुछ समय को क्रिस्टीना को उसके दुःख भुला, किसी और दुनिया में ले जाती थीं. अनजाने ही वह संगीत जैसे उसकी नीरस ज़िंदगी में खुशी के रंग भर जाता था.

एक महीने पहले दादी ने इस दुनिया से विदा ले कर क्रिस्टीना को अकेला कर दिया था. दादी की मृत्यु के कुछ दिनों बाद क्रिस्टीना को बताया गया कि दादी की मृत्योपरांत उसके जीवन- बीमा की भारी धन राशि की क्रिस्टीना अकेली अधिकारिणी है. उसे पता भी नहीं था, दादी उसके भविष्य के लिए भी इंतज़ाम कर गई थी. थकान से बोझिल मन को शान्ति देने के ख्याल से क्रिस्टीना मेक्सिको आई थी. यहाँ विक्टर के गिटार की धुनों ने उसे जैसे नई खुशी दे डाली थीं.
पिछले कुछ दिनों से विक्टर उसे कहीं न कहीं मिल जाता था, पर आज दो दिनों से उसका कहीं पता नहीं था. क्रिस्टीना बेचैन हो उठी. उसका पता जानने के लिए कुछ लोगों से पूछने पर बताया गया, वह एक स्कूल में बच्चों को गिटार सिखाता है. स्कूल से विक्टर का पता मिल जाने पर क्रिस्टीना उसके एक कमरे वाले घर जा पहुंची थी. अस्त-व्यस्त कमरे में एक कोने में मेज़ पर एक हीटर और कुछ बर्तन रखे थे. खिडकी के पास बेड पर आँखें मूंदे क्लांत सा विक्टर लेटा था. पाँव की आहट पर आँखें खोली थीं. क्रिस्टीना को देख कर चौंक गया. अस्फुट स्वर में कहा था-
“तुम यहाँ, कैसे, क्यों?”
“दो दिन से देखा नहीं तो मिलने आ गई. तुम्हारे गिटार की आदत हो गई है, पर ये नहीं पता था कि तुम बीमार हो.”
“मैने कहा था, किसी भी चीज़ से इस हद तक लगाव होने का अंजाम ठीक नहीं होता. सच कहो, क्या ये दीवानगी सिर्फ इस गिटार के लिए है या कोई और बात है.”सवालिया निगाह क्रिस्टीना पर गड गई थी.
“मुझे खुद नहीं पता, दो दिनों से मै इस कदर बेचैन क्यों थी, तुम्हीं बताओ विक्टर ऐसा क्यों हुआ. इसके पहले मुझे ऎसी बेचैनी कभी नहीं हुई.”मासूमियत से क्रिस्टीना ने कहा.
“मेरी जो समझ में आ रहा है वो बेहद खतरनाक बात हो सकती है.”गंभीरता से विक्टर ने कहा.
“क्या हो सकता है, मुझे डर लग रहा है, विक्टर.”

“कहीं तुम मेरे गिटार की धुन की जगह मुझमें तो इंटरेस्ट नहीं लेने लगी हो? वैसे मुझमें ऐसा कुछ नहीं है, जिसे कोई चाहे वरना वो मुझे छोड़ कर क्यों जाती.”अचानक उसके मुंह से निकल गया.
“किसकी बात कर रहे हो विक्टर, कौन तुम्हें छोड़ गई.”विस्मित क्रिस्टीना ने जानना चाहा.
“कोई नहीं, बीती बात भुला देने में ही समझदारी है. मेरे पास तुम्हारी खातिरदारी के लिए कुछ नहीं है टीना. दो दिनों से फीवर की वजह से बाहर नहीं जा पाया.”कुछ उदासी से विक्टर ने कहा.
विक्टर की बात पर टीना की नज़र मेज़ पर रखे कप-प्लेटो पर पड़ी थी मेज़ के साथ एक छोटा सा फ्रिज भी था. क्रिस्टीना अपनी जगह से उठ कर मेज़ के पास गई. कमरे से लगा एक सिंक और वाश बेसिन था. कप और प्लेट में पहले की बनी चाय के निशान थे. क्रिस्टीना को कप और प्लेटों को सिंक के टैप से धोते देख विक्टर संकुचित हो उठा.

“ये क्या कर रही हो, टीना? तुम मेरी मेहमान हो. मै कर लूंगा.”विक्टर ने उठने का प्रयास किया.
“तुम अभी बीमार हो, जब ठीक हो जाओगे तब तुम्हारे हाथ की बनी चाय ज़रूर पियूंगी. आज मेरी बनाई चाय टेस्ट कर के देखो. दादी कहती थीं, मै बहुत अच्छी चाय बनाती हूँ, उनकी बीमारी में मै उनके लिए कई बार चाय और कॉफी बनाती थी.”क्रिस्टीना के सुन्दर चहरे पर उदासी की छाया थी.
“तुम्हारी फैमिली में और कौन-कौन हैं, टीना?”
“आठ साल की उम्र में मम्मी-पापा को खो दिया और अब इक्कीस साल की उम्र में दादी भी मुझे अकेला छोड़ कर चली गईं.”क्रिस्टीना का गला भर आया.
“तुमने शादी के बारे में कभी नहीं सोचा,टीना?”विक्टर ने गहरी दृष्टि से देखा.
“अपनी परिस्थितियों और समस्याओं के बीच उस बारे में कभी नहीं सोचा. दादी ही मेरी दुनिया थी, हाँ घर के पास मैडम जूलिएट का म्यूजिक स्कूल मुझे अपनी तकलीफें भुलाने में ज़रूर हेल्प करता था.”
“क्या तुमने कोई इंस्ट्रूमेंट सीखा है या वोकल म्यूजिक में इंटरेस्टेड थीं?”
“मेरी जो परिस्थितियाँ थीं, उनमें ऐसे शौक पालना गुनाह होता, विक्टर. वैसे जब भी संभव होता घर के बाहर खडी हो कर जूलिएट मैंम के स्कूल से गीत और इंस्ट्रुमेंट्स की हवा में बहती आती धुनों पर गुनगुनाती ज़रूर थी.”हलकी मुस्कान टीना के उदास चहरे पर चमक गई.
“अगर ऐसा था तो इतना खर्च कर के मेक्सिको आने की क्या ज़रुरत थी? इसकी जगह कुछ काम की चीज़ पर पैसे खर्च करतीं ”विक्टर के चहरे पर अविश्वास स्पष्ट था.
“मुझे पता नहीं था, मेरी दादी ने कैसे पाई-पाई जोड़ कर अपना लाइफ इंश्योरेंस मेरे भविष्य के लिए सुरक्षित रख था. दादी हमेशा चाहती थीं, मुझे भी खुशी और आराम मिल सके, बस इसी लिए - - -“
“उन पैसों से तुम अपना म्यूजिक का शौक भी तो पूरा कर सकती थीं.”विक्टर ने बात काटी.
“ठीक कहते हो, पर मुझे अपने शहर और उस माहौल से कहीं दूर भाग जाने की ज़रुरत थी, विक्टर. दादी को भुला पाना आसान नहीं था.”उदास स्वर में टीना ने जवाब दिया.
“शायद तुम ठीक कहती हो. जिसे प्यार किया जाए, उसे आसानी से नहीं भुलाया जा सकता.”टीना के हाथ से चाय का कप लेने के प्रयास में विक्टर कराह उठा.
“क्या हुआ, तुम ठीक तो हो, विक्टर?”टीना चिंतित हो उठी.
“कुछ नहीं, कल बाथ- रूम में कोहनी के बल गिर गया था, इसीलिए हाथ में थोड़ा दर्द है.”
“मुझे देखने दो, मै ने फिजिकल थेरेपी की ट्रेनिंग ली है. अब अमरीका में जल्दी ही मुझे कोई जॉब मिल जाएगा. एक जगह बात भी कर रखी है.”टीना खुश दिखी.
‘ये तो अच्छी खबर है, उसके बाद तुम पूरी तरह से सेटल हो जाओगी.”
“थैंक्स, विक्टर. पहले मुझे तुम्हारे हाथ की चोट चेक करनी है. कप टेबल पर रख टीना ने कहा.
“पहले चाय तो पीने दो, टीना. बड़ी देर से चाय पीना चाहता था, पर उठ नहीं सका.”
“ठीक है, कप लेफ्ट हाथ में ले कर चाय पी लो’.टीना ने अभिभाविका की तरह से कहा.
“अरे तुम्हारे हाथ में तो कोई मसल खिंच गई है., पर ये मेरी मसाज से ठीक हो जाएगी. हाँ तुम कुछ दिनों तक गिटार नहीं बजा पाओगे. उसके बिना रह पाओगे?”
“ज़िंदगी में जो चाहा जाए, हमेशा नहीं मिलता, इस सच्चाई को अच्छी तरह से जाना है.”
‘ठीक होने पर मुझे गिटार सिखाओगे.”मुस्कुराती टीना ने कहा.
“उसके लिए मेरे पास वक्त कहाँ है,टीना. तुम्हें भी तो लौटना है.”
‘आज ही अपने ट्रैवेल एजेंट से बात करूंगी, लौटने का टाइम बढवाना है.’
“मेरी बात मानो, और वापस अमरीका लौट जाओ. किसी भी चीज़ के लिए मोह बढ़ाना बेवकूफी है..”रुखाई से विक्टर ने कहा.
“तुम इतने उखड़े-उखड़े क्यों रहते हो? स्कूल में पता लगा तुमने एम्.बी ए के बाद एक अच्छा जॉब लिया था, साथ में खाली वक्त में गिटार बजा कर दूसरों को एंटरटेन किया करते थे. तुम्हारी लाइफ में ऐसा क्या हुआ, तुम इतना बदल क्यों गए?’
“मैने अपनी लाइफ में किसी को इन्टरफियर करने का हक़ नहीं दिया है, तुम अब जाओ.”
“ज़रूर जाऊंगी, पर पहले तुम्हारे हाथ पर मसाज करने के बाद .”
विक्टर की रुखाई से अविचलित टीना ने टेबिल पर रखी तेल की शीशी उठा कर विक्टर के हाथ पर हलके हाथ से मालिश शुरू कर दी.
“मुझे तुम्हारी हमदर्दी नहीं चाहिए. तुम जैसी लड़कियों को अच्छी तरह से जानता हूँ. छोडो मेरा हाथ.”.विक्टर ने हाथ छुडाना चाहा, पर टीना उसी तन्मयता से मालिश करती रही.
“मुझ जैसी कितनी लड़कियों को जानते हो? तुम्हारी जानकारी के लिए बता दूं, अपनी तरह की मै अकेली ही लड़की हूँ. उम्मीद करती हूँ कल तक कुछ आराम आ जाएगा और मेरी मसाज से पांच-सात दिनों में गिटार बजा सकोगे. मसाज का एक सेशन रोज़ चलेगा.”
“तुम्हारे बारे में इतना तो जान गया हूँ कि तुम बेहद जिद्दी लड़की हो. तुम्हारे पति को तुम्हारी जिद झेलना मुश्किल होगा.”

“थैंक्स, वैसे अभी तो मेरा शादी करने का कोई इरादा ही नहीं है. हाँ जब भी कोई मिलेगा तो तुमने जो मेरी क्वालिटी डिस्कवर की है, ज़रूर बता दूंगी. कल फिर आऊंगी, बाय.”विस्मित विक्टर देखता रह गया.
दूसरे दिन बिना किसी औपचारिकता के नि:शब्द टीना ने विक्टर के हाथ पर मसाज शुरू कर दी.
“अजीब लड़की हो, यह भी नहीं पूछा तुम्हारे मसाज से कुछ आराम मिला है या नहीं?”
“मुझे अपने पर विश्वास है, दादी कहती थी, मेरे हाथों में जादू है, हाथ लगाते ही दर्द भाग जाता है.”
“अगर मै कहूं मेरा दर्द बढ़ गया है.”विक्टर ने टीना को देख कर कहा.
“तुम झूठ नहीं बोल सकते, तुम्हारे चहरे पर साफ़ दिख रहा है, तुम्हें आराम मिला है.”
“इसका मतलब तुम चेहरा भी पढ लेती हो. मेरे चहरे पर और क्या लिखा है ?”
“यही कि किसी लड़की ने तुम्हारा दिल तोड़ा है, इसीलिए तुम सब लड़कियों को धोखेबाज़ समझते हो.”
“अगर मै कहूं, ये बात सच नहीं है तो?”
“सच तो यह है कि तुम किसी बेवफा की यादों को सीने से लगाए, उसका बोझ ढो रहे हो. अक्लमंद इंसान अपनी बात किसी के साथ शेयर कर के इस अनचाहे बोझ को उतार फेंकते हैं और ज़िंदगी में आगे बढ़ते हैं.”मसाज करती टीना ने गंभीरता से कहा.
“तुम्हारे ख्याक में मै अक्लमंद नहीं हूँ. तुम्हें नहीं पता, हर एक्जाम में टॉप करता रहा हूं.”विक्टर ने नाराज़गी से कहा.
“अगर इतने ही अक्लमंद हो तो अच्छा भला जॉब छोड़ कर भटकते नहीं फिरते.”
“मै क्या करता हूँ, क्यों करता हूँ, इस बात से तुम्हारा कोई लेना देना नहीं है, समझी.”
“वाह, लेना तो ज़रूर है, तुम्हारा हाथ ठीक कर रही हूँ, अपनी फीस तो लेनी होगी.”टीना मुस्कुराई.
“मै ने कब कहा था, मेरी हेल्प करो और तुम्हे पहले ही बता दिया था, मेरे पास पैसे नहीं हैं.’
“मानती हूँ, पर किसी को तकलीफ में देख कर उसकी मदद करना मेरा स्वभाव है. अगर चाहो तो अपनी टूटे दिल की कहानी सुना दो, मेरी फीस वसूल हो जाएगी.”टीना हंस रही थी.
“तुम्हे अपनी कहानी सुना कर और कोई खिताब नहीं लेना है, अभी तुम मुझे बेवकूफ तो कही चुकी हो.”
“गलत समझ रहे हो, मै तो बस तुम्हारा दुख हल्का करना चाह रही थी. आज का सेशन खत्म हुआ.” अचानक टीना उठ कर चली गई. मौन विक्टर उसे जाता देखता रह गया.
अपने कॉटेज में पहुंची टीना सोच में पड़ गई, ये उसे क्या हो रहा है, एक अजनबी इंसान का साथ उसे क्यों बार-बार उसके पास खींच ले जाता है. विक्टर की बातों में तो कभी उसके लिए कोई मीठा शब्द तक नहीं रहता, फिर भी वह उससे दूर क्यों नहीं रह पाती. क्या उसे विक्टर से प्यार हो रहा है? अपने सोच को झटक, टीना सागर तट पर जा बैठी. आज तक उसने कभी किसी के प्रति ऐसा खिचाव महसूस नहीं किया था. विक्टर ठीक कह रहा है, उसे वापस लौट जाना चाहिए. कल विक्टर से विदा ले कर वह अपने देश लौट जाएगी, पर दादी कहती थी, जिस इंसान से पहली बार मिलते ही वह अपना सा लगने लगे, उसका साथ अच्छा लगे, उसी के साथ सच्चा प्यार हो सकता है. आज तक टीना को कभी किसी के साथ इतना अच्छा क्यों नहीं लगा, क्या उसकी वजह विक्टर का गिटार है या उसका व्यक्तित्व?
“आज इतनी देर में क्यों आईं, कब से तुम्हारा इंतज़ार कर रहा था? मुझे डर लगा कहीं तुम वापस न चली गई हो.” उसे देखते ही विक्टर ने कहा.
“मेरा इंतज़ार कर रहे थे, और तुम्हें डर था कहीं मै वापस ना चली गई हूँ, क्यों विक्टर? तुमने ही तो कहा था, मुझे वापस लौट जाना चाहिए, तुम जान कर खुश होगे कि तुम्हारी सलाह मान कर वापस लौटने का फैसला ले रही हूँ. अब तो तुम्हारा हाथ भी ठीक हो रहा है, अब यहाँ मेरी ज़रुरत नहीं है.कुछ संजीदगी से टीना ने कहा.
“मेरा हाथ तो ठीक कर दिया, पर उसकी फीस नहीं वसूलोगी?”हलकी मुस्कान के साथ विक्टर ने कहा.
“फीस की शर्त तो तुमने मानी नहीं थी, विक्टर, तुम अपने टूटे दिल की कहानी अपने ही तक रखना चाहते हो. मेरी फीस के लिए परेशान मत हो, ये काम मै ने अपनी मर्जी से किया है.’
“शर्त तो माननी ही होगी वरना तुम्हारा क़र्ज़ कैसे उतार पाऊंगा. एक कप कॉफी के साथ अपने दिल का बोझ उतारना चाहूंगा, तुम्हारी दादी ठीक कहती थीं, तुम कॉफी अच्छी बनाती हो.विक्टर मुस्कुराया.
कॉफी के मग के साथ टीना विक्टर के सामने वाली कुर्सी पर बैठ गई.
“ये तब की बात है, जब मैने एम् बी ए कॉलेज में लेक्चरार की तरह जॉब लिया था. जवानी का उत्साह और अपने को प्रूव करने की कोशिश थी. स्टूडेंट्स के बीच मेरे गिटार ने मेरी पॉपुळैरिटी में चार चाँद लगा दिए थे. अपनी उस ज़िंदगी से बहुत खुश था, टीना.’
“आई एम् श्योर तब तुम काफी हैंडसम दीखते होगे और लडकियां तुम पर मरती होंगी. ठीक कह रही हूँ न?”टीना ने शरारत से कहा.
“ठीक कह रही हो, पर रूबिया सबसे अलग थी. सुन्दर चहरे पर बड़ी-बड़ी आँखें मानो बाते करती थीं. मेरे गिटार पर ही नहीं वह मेरी हर बात की दीवानी थी. हम दोनों को एक-दूसरे का साथ बहुत अच्छा लगता. गिटार सीखने के लिए वह मेरे पास आती और हम दोनों सब कुछ भूल कर एक-दूसरे में खो जाते.. हम दोनों कभी अलग होंगे सोच भी नहीं सकते थे. मैने जब उसे प्रोपोज किया, उसने मुस्कुरा कर एक्सेप्ट कर लिया.”अचानक विक्टर चुप हो गया.
“फिर क्या हुआ, विक्टर, तुम दोनों ने शादी की थी?”
“”काश, ऐसा हो पाता, उन्हीं दिनों ब्राजील से एक स्टील फैक्ट्री का अमीर स्वामी मेक्सिको में छुट्टियां बिताने आया था. मै और रूबिया छुट्टी के दिन सी-बीच पर सागर की लहरों के साथ गिटार की धुन बजाया करते थे. उस अमीर ब्राजीलियन को रूबिया भा गई. उसने रूबिया पर न जाने क्या जादू किया कि बस मेरे नाम की दो लाइनें लिख कर रूबिया मुझसे रिश्ता तोड़ कर उस अमीर इन्सान के साथ हमेशा-हमेशा के लिए चली गई. मेरे सारे सपने टूट गए, जॉब छोड़ कर भटकता रहा फिर यहाँ आ गया. उसकी याद में गिटार बजाता हूँ. शायद वह कभी वापस आए और उसे पुराने दिन याद आएं काश मेरे पास खूब धन होता तो वह मुझे छोड़ कर क्यों जाती.”.विक्टर के चहरे पर गहरी उदासी थी.
“कमाल है, तुम एक ऎसी सेल्फिश लड़की की याद में अपनी ज़िंदगी बर्बाद कर रहे हो, जो तुमसे नहीं पैसों और ऐशो-आराम की ज़िंदगी से प्यार करती थी. अब तो मानना पडेगा कि तुम अक्लमंद नहीं हो.”

“मेरा तो अब यही मानना है कि प्यार भी पैसा चाहता है.”विक्टर ने उदासीनता से कहा.
“अगर तुम पैसा ही कमाना चाहते हो तो मेरे साथ अमरीका चलो, तुम क्वालीफाइड हो वहां अपने को प्रूव करने के लिए बहुत अपॉरच्युनिटीज़ मिलेंगी. खाली वक्त में स्टूडेंट्स को गिटार सिखा कर अपनी हॉबी भी बनाए रख सकोगे.”टीना ने गंभीरता से कहा.
“हमेशा के लिए अमरीका जाने के लिए परमानेंट वीसा कैसे मिलेगा टीना?”
“मै अमरीकी सिटीज़न हूँ, मुझसे शादी कर लो तुम्हें आसानी से वीसा और कुछ दिनों बाद अमरीकी सिटीजनशिप भी मिल जाएगी. मै प्रैक्टिकल अमरीकी लड़की हूँ स्पष्ट बात करती हूँ.”
“क्या, तुमसे शादी? आर यूं आउट ऑफ़ माइंड? हम तो एक-दूसरे को ठीक से जानते भी नहीं टीना?”विक्टर चौंक गया.
“अमरीकी सिटीज़नशिप पाने के लिए कितने ही लोग ये तरीका अपनाते हैं. यहाँ तक कि अपने से काफी बड़ी उम्र की अमरीकी औरत तक से शादी करते हैं, कम से कम हम दोनों एक-दूसरे को कुछ तो जान पाए हैं. अगर शादी नहीं चली तो तलाक लेना उतना ही आसान है, जितना हम दोनों का शादी करना.’

“तुम क्या कह रही हो समझ पाना मुश्किल है. शादी के पहले ही तलाक की बात अजीब नहीं है? शादी कोई खेल तो नहीं होती.”विक्टर सोच में पड़ गया.
“मै तो बस तुम्हें ज़िंदगी में आगे बढ़ने के लिए एक नई राह दिखा रही हूँ, वैसे मै भी शादी को खेल नहीं मानती, पर अगर तुम्हें मेरे साथ शादी करने से डर लग रहा है तो फैसला तुम्हें ही करना है.”
“क्या ये रास्ता अपनाना ठीक हो सकता है, मुझे किसी पर भी यकीन करना कठिन लगता है?”
मै तुम्हें पहले ही बता चुकी हूँ, मै सबसे अलग और तुम्हारे ख्याल में एक जिद्दी लड़की हूँ. सोच लो,

क्या मेरी जिद पूरी उम्र झेल पाओगे? टीना शरारत से हंसी.
“बिना प्यार के शादी करना क्या एक सौदा नहीं होगा, टीना?”विक्टर ने सीधा सवाल किया.
“एक बार प्यार करने का नतीजा देख चुके हो, अब अगर पहले से ही मेरे प्रोपोज़ल को सौदा समझ कर कदम उठाओगे तो उसके धोखे से क्या डरना?” ‘
“अगर यह सौदा भी घाटे का सिद्ध हुआ तो शायद मेरा ज़िंदगी से यकीन उठ जाएगा, टीना. वैसे क्या तुम मुझ पर दया की वजह से ये प्रस्ताव रख रही हो? मुझे किसी की दया नहीं प्यार चाहिए.”
“अगर मै कहूं मुझे तुम अच्छे लगते हो, तुम्हारा साथ और तुम्हारे गिटार से मुझे प्यार हो गया है. इसके पहले कभी किसी के लिए ऎसी कशिश महसूस नहीं की थी.”टीना ने सच्चाई से कहा.
“तुम सचमुच अनोखी लड़की हो. रूबिया के जाने के बाद तुम ही वो पहली लड़की हो, जिसके आने से मेरे मन का खाली कोना पूर्ण होता लगता था. शायद ये चाहत की आहट ही थी, टीना. तुमसे अमरीका वापस जाने को कह कर भी मुझे तुम्हारा इंतज़ार रहता था. विष करता तुम कभी वापस ना जाओ.”विक्टर के चहरे पर खुशी झलक आई थी.
“अब तुम मुझे प्रोपोज तो करो, विक्टर. हमें चर्च में शादी की डेट फिक्स करनी है.”
“ओके, मिज़ टीना, उर्फ़ क्रिस्टीना, आप क्या मुझसे शादी करेंगी? सॉरी, कोई फूल पेश करने को नही है.” .मुस्कुरा कर विक्टर ने कहा.
“मंजूर है, पर शादी के बाद मुझे फूल ज़रूर चाहिए.”टीना ने हंस कर कहा.
“शादी के बाद तुम्हें फूलों की तरह प्यार से रखूंगा, यह मेरा वादा है, टीना.”
हंसते हुए टीना के माथे पर चुम्बन अंकित कर विक्टर ने टीना के प्यार पर मोहर लगा दी.´

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